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जब होटल में मीटिंग के लिए पहुंचे पर्रिकर को दरबान ने गेट पर रोका,कहा- तुम्हे एंट्री नहीं मिलेगी

गोवा के सीएम और पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर का 63 साल की उम्र में निधन हो गया. रविवार को उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली. वह पिछले एक साल से पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे. आज शाम 5 बजे से कैम्पल स्थित एसएजी मैदान में उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. मनोहर पर्रिकर अपनी सादगी के लिए मशहूर थे. उन्हें अपनी मीटिंग के लिए कई फाइव स्टार होटलों के चक्कर लगाने पड़ते थे. उनकी सादी ड्रेस और हावभाव देखकर एक बार पांच सितारा होटल के दरबान ने उन्हें होटल में घुसने से रोक दिया था.

टैक्सी बुलाकर चप्पल पहने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकल पड़े
पर्रिकर के करीबियों ने बताया कि एक बार पर्रिकर को किसी मीटिंग के लिए पांच सितारा होटल जाना था लेकिन आखिरी वक्त पर उनकी गाड़ी ख़राब हो गयी. उन्होंने तुरंत एक टैक्सी बुक की और साधारण से कपड़े में मीटिंग अटेंड करने होटल पहुंच गए. जैसे ही वह टैक्सी से उतरे तो होटल के दरबान ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया. दरबान ने पर्रिकर को रोका और कहा, “तुम अंदर नहीं जा सकते”.

परिचय देने पर जोर-जोर से हंसने लगा दरबान
जब दरबान ने उन्हें नहीं पहचाना तो उन्होंने खुद अपना नाम बताते हुए कहा कि वह गोवा के मुख्यमंत्री हैं. ये सुनकर दरबान जोर-जोर से हंसने लगा और कहा, “अगर तू मुख्यमंत्री है तो मैं प्रेसिडेंट”. इतने में प्रोग्राम के आयोजक पहुंच गए और दरबान को समझाया तब जाकर उन्हें होटल के अंदर एंट्री मिली. इतना ही नहीं, वह तो कभी-कभी स्कूटर से भी पांच सितारा होटल में पहुंच जाया करते थे.

पर्रिकर ने खुद सुनाया था दरबान वाला ये किस्सा

साल 2012 को एक फाइव स्टार होटल में हो रही मीटिंग के दौरान उन्होंने ये किस्सा सुनाया था. उन्होंने बताया कि जब गेट पर उन्हें दरबान द्वारा रोका गया तब उनके साथ कोई पुलिस सिक्यूरिटी ऑफिसर मौजूद नहीं था. उन्होंने दरबान को कहा कि वह गोवा के सीएम हैं इसलिए उन्हें अंदर जाने दिया जाए. लेकिन फिर भी उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली. पर्रिकर ने आगे बताया था कि जब से वह गोवा के मुख्यमंत्री बने हैं तबसे तकरीबन पांच बार वह गोरखा दरबान उन्हें रोक चुका था. जबकि वह हर बार उसे अपने सीएम होने की बात बताते थे. उन्होंने कहा कि दरबान का व्यवहार देखकर उनका ईगो जरूर हर्ट होता था लेकिन बाद में उन्हें ये बात समझ आई कि दरबान का ये बात जानना जरूरी नहीं कि वह सीएम हैं या कुछ और.

स्कूटर पर करते थे इलाके का दौरा
बता दें, कई बार तो इलाके का दौरा करने पर्रिकर स्कूटर पर ही निकल जाया करते थे. किसी कार्यक्रम में शरीक होने के लिए भी वह एकदम साधारण कपड़े पहनते थे. पुणे में आयोजित एक शादी समारोह में वह लाइन में लगकर खाना लेते नजर आये थे.

दोस्त को बचाने के लिए किया था ये काम

पर्रिकर ने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए बताया था कि हॉस्टल में उनका एक फ्रेंड था जो शराब सिगरेट पिया करता था. वह ब्राहमण परिवार से आता था. एक बार वह उस लड़के के साथ कमरे में बैठे हुए थे. उनके दोस्त के हाथ में सिगरेट और एक पेग था. इतने में उस लड़के के पिताजी आ गए. अपने दोस्त को बचाने के लिए पर्रिकर ने दोस्त के हाथ से सिगरेट और शराब ली और कमरे के बाहर निकल आये. पर्रिकर इन चीजों को हाथ भी नहीं लगाते थे. उनके दोस्त के पिता ने कहा कि बेटा ऐसे बच्चों की संगत में फिर कभी मत रहना.

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