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दुनिया की सबसे खतरनाक जेल, जहां से सिर्फ मौत बाहर निकाल सकती है!

duniya ki sabse khatarnak jail

रूस का ब्‍लैक डॉल्‍फ‍िन जेल

रूस हमेशा से पूरी दुनिया के लिए उत्‍सुकता का केंद्र रहा है। एक ऐसा देश जो अपने अंदर आज भी कई सारे राज समेटे हुए है। दुनिया के सबसे शक्‍त‍िशाली जासूसी नेटवर्क से लेकर अपनी सैन्‍य ताकत के मामले में भी यह देश अमेरिका को कड़ी टक्‍कर देता है। वैसे तो दुनिया के खतरनाक जेलों की फेहरिस्‍त बहुत लंबी है। लेकिन जब भी बात सबसे खतरनाक जेल की होती है तो रूस के ब्‍लैक डॉल्‍फ‍िन जेल का नाम सबसे पहले आता है।

सबसे खरतनाक अपराध‍ियों को किया जाता है कैद
दक्ष‍िणी रूस के ऑरेनबर्ग शहर में में स्‍थ‍ित इस जेल के नियम पूरी दुनिया में सबसे सख्‍त हैं। इस जेल से आजतक कोई कैदी फरार नहीं हुआ। अपराध जगत में तो यहां तक कहा जाता है कि इस जेल से अपराधी तब भी निकलता है, जब उसकी मौत होती है। दुनिया के इस सबसे खतरनाक जेल में रहने वाले अपराधी भी खास होते हैं। वो दुर्दांत जो हत्‍या, रेप और देशद्रोह मामले में दोषी ठहराए गए हैं।

जेल के अंदर है डॉल्‍फ‍िन की मूर्ति

यह जेल लगभग 1700 साल से कई रूप में काम कर रही है। जेल का नाम ब्‍लैक डॉल्‍फ‍िन इसलिए भी है, क्‍योंकि इसमें एक डॉल्फिन की मूर्ति है। यह मूर्ति इस जेल में रहे कैदियों ने ही बनाई है। इस जेल के सख्‍त नियमों की कल्‍पना सिर्फ इस बात से की जा सकती है कि यहां कैदियों को सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक बैठने नहीं दिया जाता। आराम की मनाही है कैदियों के लिए।

हर सेल के रास्‍ते में है स्‍टील के 3 दरवाजे
इस जेल में एकसाथ 700 कैदी रखे जाते हैं। ब्लैक डॉल्फिन जेल रूस और कजाकिस्तान के बार्डर पर स्थित है। ‘नेशनल ज्योग्राफिक’ चैनल ने एक विडियो शूट किया था, जिसमें जेल में कैदियों की जिंदगी का नजारा देखने को मिलता है। जेल में कैदियों को 24 घंटे कैमरे की निगरानी में रखा जाता था। हर सेल का रास्‍ता तीन स्‍टील के दरवाजों से होकर जाता है। यही नहीं, जेल के अंदर परिसर में घूमते वक्‍त कैदियों की आंखों पर पट्टी बंधी होती है। हाथों में हथकड़ी लगा दी जाती है।

सेल से बाहर निकलते ही आंखों पर पट्टी

आंखों पर पट्टी, हाथों में हथकड़ी और कमर से झुकाकर कैदियों को रखने के कारण ही उन्‍हें जेल के लेआउट का अंदाजा नहीं लग पाता। इस जेल में कोई कैफे‍टेरिया नहीं है। कैदियों के सेल के अंदर ही खाना दिया जाता है। वह जब भी सेल से बाहर निकाले जाते हैं, आंखों पर पट्टी के साथ।

हर 15 मिनट पर आते हैं गार्ड्स
ब्‍लैक डॉल्‍फ‍िन जेल में 50 स्‍क्‍वायर फुट के सेल में दो कैदी रहते हैं। हर 15 मिनट पर सिक्‍योरिटी गार्ड हर सेल का जायजा लेते हैं। कैदियों को जब भी सेल से बाहर जाने की छूट मिलती है, तब उन्‍हें कमर से झुकाकर बाहर ले जाया जाता है। सीधे होकर चलने की इजाजत नहीं है।

700 कैदियों ने की हैं 3500 से ज्‍यादा हत्‍याएं
इस जेल में बंद कैदियों की हैवानियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां 700 कैदियों ने 3500 से ज्‍यादा हत्‍याएं की हैं। इस जेल में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले कैदियों को रखा जाता है। इस जेल में बंद एक कैदी व्‍लादिमीर निकोलएव की कहानी से बाकियों की बर्बरता का भी अंदाजा लगाया जा सकता है। निकोलएव ने नशे में एक शख्‍स से झगड़ा किया, उसकी हत्‍या की और फिर बाथरूम ले जाकर उसकी लाश को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट डाला।

पकाकर खा गया मांस

यही नहीं, इस अपराधी ने उसके शरीर के कुछ हिस्‍से खुद खा लिए और बाकी का मांस अपने एक दोस्‍त के घर पहुंचा दिया। दोस्‍त की बीवी ने समझा कि वह कंगारू का मांस है और उसने इसे पकाकर परिवार वालों को भी ख‍िला दिया। यह एक उदाहरण है, इस जेल में निकोलएव जैसे ही सैकड़ों कैदी बंद हैं।

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