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100 रु. के सिक्के से आप दूध, दही नहीं खरीद पाएंगे, क्योंकि

मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में उनके 94वें जन्मदिवस से एक दिन पहले 100 रुपये का सिक्का जारी किया है। यह एक स्मारक सिक्का है, जिस पर अटलजी की तस्वीर और नाम छपा है। यह सिक्का प्रचलन में मौजूद 1, 2, 5 और 10 रुपये के सिक्के से अलग है। यह सिक्का आम सिक्कों की तरह प्रचलन में नहीं आएगा। इसे 3,300 से 3,500 रुपये की प्रीमियम दरों पर बेचा जाएगा।

4 धातुंओं से मिलकर बना है यह सिक्का

जी हां, यह सिक्का चार अलग-अलग धातुओं को मिलाकर बनाया गया है। इस एक 35 ग्राम के सिक्के में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत जस्ता और 5 प्रतिशत निकेल है।

एक तरफ अटलजी, दूसरी तरफ अशोक स्तंभ

सिक्के की एक तरफ अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर छापी गई है, जबकि दूसरी तरफ अशोक स्तंभ है। स्तंभ के नीचे सत्यमेव जयते और रुपये के चिन्हे के साथ 100 लिखा है। इसके अलावा अंग्रेजी व हिंदी में ‘भारत’ लिखा गया है।

मुंबई टकसाल ने किया है इसे डिजाइन!
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिक्के की डिजाइनिंग और ढलाई का काम मुंबई टकसाल ने किया है। बता दें, लोग इस सिक्के को सीधे टकसाल से भी खरीद सकेंगे।

दो भाषाओं में लिखा है अटलजी का नाम

सिक्के पर अटलजी का नाम हिंदी और अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है। साथ ही, उनकी तस्वीर के निचले हिस्से में उनका जन्म वर्ष 1924 और देहांत का वर्ष 2018 अंकित किया गया है।

सबसे भारी है 100 रुपये का सिक्का

कीमत और वजन के मामले में 100 का सिक्का 1, 2, 5 और 10 के सिक्के से भारी है। 10 रुपये का सिक्‍का 8 ग्राम वजन का है, जबकि 5 रुपये का सिक्‍का 9 ग्राम का।

93 वर्ष की उम्र में हुआ अटलजी का देहांत
इसी वर्ष 16 अगस्त को अटल बिहारी वाजपेयी का देहांत हो गया था, वो 93 साल के थे। वो तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे थे। हाल ही उत्तराखंड सरकार ने ‘देहरादून एयरपोर्ट’ का नाम बदलकर अटलजी के नाम पर रखने का ऐलान किया है, वहीं लखनऊ के पॉपुलर हजरतगंज चौराहे का नाम बदलकर ‘अटल चौक’ हो चुका है।

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