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इतिहास में इन 8 तरीकों से जिसको भी सज़ा दी गई होगी, उनकी आत्मा आजतक भटक रही होगी

वर्तमान में किसी भी गुनहगार को उसके गुन्हा देखकर ही सजा दी जाती है. और एक समय ऐसा था जब राजा महाराजा के समय अपराधी को सजा देते थे वो श्याद ही किसी को पता होगा. कई तरीको से इंसान को सजा दी जाती थी.

Scaphism

इस मौत की सजा में इंसान को एक बक्से में हाथ और पीर बाँध दिए जाते थे. और मुँह उसका बाहर रखा जाता था. इसके बाद उसे दूध और शहद पिलाया जाता था. जिसके कारन वह पेशाब करता था और फिर मधुमखिया उस इंसान को खा जाती थी. व्यक्ति 17 दिन के बाद मर जाता था.

The Oubliette

इस सजा में दोषी को एक ऐसी जगह पर बंद कर दिया जाता था, जहां न वो सीधे खड़ा हो सके और न ही सीधे लेट सके. वह भूका प्यासा ही मर जाता.

The Spider

वो औरतें जो वैवाहिक इतर संबंध रखने की दोषी होती थी उन्हें ये सज़ा दी जाती थी. एक गोल ढांचे में चार गर्म काटें लगे होते थे जो महिला के स्तन पर फंसा कर खींच दिए जाते थे यदि महिला के बच्चे होते तो उन्हें उसके सामने रखा जाता था ताकि खून के बून्द उसके ऊपर गिरे.

आग में पकाना

कहीं-कहीं गद्दार को सज़ा देने के लिए उसके गूदा द्वार में सीशे का रॉड घुसा कर उसे हथौड़ी मार कर तोड़ दिया जाता था.

Pear Of Anguish

इसमें दोषी के गुदा द्वार में एक छातानुमा मशीन घुसा कर खोल दिया जाता था, बाद में उसे घुमा कर व्यक्ति को भीतर से ज़ख़्मी कर दिया जाता था. अधिक खून बहने के कारण वह व्यक्ति मर जाता था.

The Rack

ये एक ऐसा यंत्र होता था जिसके द्वारा दोषी के हाथ-पैर को खींच कर शरीर से उखाड़ देते थे

Screecher

इस सजा के तरीके को प्रथम विश्वयुद्ध के समय तक भी इस्तेमाल किया जाता था. दोषी के कान के पास एक मशीन लगा दी जाती थी, जिससे बहुत तेज़ आवाज़ निकलती हो. मशीन के शुरु होते ही व्यक्ति के कान का पर्दा फट जाता था और थोड़ी और देर बाद वो अपना मानसिक संतुलन खो देता था.

शीशे का रॉड

कहीं-कहीं गद्दार को सज़ा देने के लिए उसके गूदा द्वार में सीशे का रॉड घुसा कर उसे हथौड़ी मार कर तोड़ दिया जाता था

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